त्रिलोक श्रीवास का निष्कासन …साजिश का हिस्सा, फर्जी पत्र को बनाया आधार….

त्रिलोक श्रीवास का निष्कासन …साजिश का हिस्सा, फर्जी पत्र को बनाया आधार….

जिले के लोकप्रिय कांग्रेस नेता श्री त्रिलोक श्रीवास को जिला कांग्रेस कमेटी बिलासपुर के अध्यक्ष द्वारा नगर पालिका निगम में ग्राम पंचायतों के के विलय का विरोध करने के कारण 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया गया है… विदित हो कि नगर निगम सीमा क्षेत्र में बिलासपुर के समीप 15 ग्राम पंचायतों को मिलाने का अधिसूचना जारी किया गया है जिसमें प्रशासन ने दावा आपत्ति करने का 15 अगस्त तक का समय दिया है कल दिनांक 13 अगस्त को कांग्रेस नेता इन प्रभावित क्षेत्रों के हजारों ग्रामीणों के साथ जाकर दावा आपत्ति किए थे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि कांग्रेस नेता त्रिलोक श्रीवास के पूर्व तखतपुर के कांग्रेसी विधायक के द्वारा भी आपत्ति प्रस्तुत किया गया था

और कांग्रेस के सैकड़ों जन के द्वारा नगर निगम का विरोध किया जा रहा है जिसमें जिला कांग्रेस के दर्जनों पदाधिकारी भी शामिल है परंतु सिर्फ त्रिलोक श्रीवास के ऊपर कारवाई कहीं न कहीं एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है और त्रिलोक श्रीवास के निष्कासन के पूर्व किसी प्रकार का कारण बताओ नोटिस जारी नहीं करना एवं निष्कासन के पश्चात उनके कतिपय विरोधियों द्वारा एक फर्जी पर्चा जिसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री का विरोध संबंधी परचा सार्वजनिक करना इसी रणनीति का हिस्सा हो सकता है क्योंकि इस पर्चे में ना तो त्रिलोक श्रीवास के हस्ताक्षर हैं और ना ही जो नंबर त्रिलोक श्रीवास के दिए गए हैं और 2 साल पूर्व बंद हो चुके हैं विदित हो कि त्रिलोक श्रीवास जनाधार वाले नेता है वर्तमान में उनकी पत्नी जनपद पंचायत बिल्हा की सभापति है और भाई बहुत जिला पंचायत सदस्य हैं उनका एक व्यापक जनाधार है और जनहित हेतु अनवरत जूझते रहना कांग्रेस में ही कुछ लोगों को खटकता है किसी भी पदाधिकारी के ऊपर कोई कार्यवाही ना करते हुए सिर्फ त्रिलोक श्रीवास के ऊपर कार्रवाई करना कहीं न कहीं बौखलाहट को दर्शाता है कल भी त्रिलोक श्रीवास ने कहीं पर भी पार्टी या नेता का विरोध नहीं किया था परंतु जनहित की लड़ाई को लड़ने का खामियाजा त्रिलोक श्रीवास को भुगतना पड़ा है

vandana