आखिर बिलासपुर को संघर्ष के रास्ते से ही क्यों मिलती है सुविधाएं…?

आखिर बिलासपुर को संघर्ष के रास्ते से ही क्यों मिलती है सुविधाएं…?

बिलासपुर शहर को उसके जायज हक़ से वंचित कौन करता है आखिर शहर के नागरिको को अपनी सुविधाओं और संस्थाओं के लिए संघर्ष क्यों करना पड़ता है आज इन प्रश्नों पर विचार करना जरुरी इसलिए होगा क्योकि विभिन्न नागरिक संगठन पिछले 22 दिनों से राघवेन्द्र राव सभा भवन के बाहर लगातार धरने पर बैठे है और नागरिको कि एक ही मांग है कि शहर को हवाई सेवा से जोड़ा जाए इस मामले को जनहित का मुद्दा मानते हुए उच्च न्यायलय में भी निराकृत किया जा चुका है इसके पुर्व भी बिलासपुर के नागरीको को शहर कि जायज मांग के लिए आन्दोलन ही करना पड़े इसका सबसे बड़ा उदाहरण रेल्वे जोन है दुसरा मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ विभाजन के वक्त उच्च न्यायलय केलिए संघर्ष करना पड़ा और फिर नागरिको ने केन्द्रीय विवि.के लिए आन्दोलन किया आखिर वे कौन सी राजनितिक सामाजिक परिस्थितियाँ है जिनके कारण वे शक्तियां तेजी से काम करती है कि शहर सुविधाओं से वंचित लगता है रेल्वे जोन के वक्त केंद्र में जो सरकार थी उसकी नजर में पृथक जोन बनने का पहला हक़ बिलासपुर का था किन्तु जोन बिलासपुर को न मिले यह इच्छा किसकी थी इस पर बकायदा पीएचडी कि जा सकती है संघर्ष के बाद जोन मिला किन्तु उस आन्दोलन से जो अरबो का नुकशान हुआ उसने नागरीक और संस्था के बीच के संबंधो को काफी हद तक प्रभावित किया यही बात सेन्ट्रल यूनिवर्सिटी के साथ भी है म.प्र.के तत्कालीन मुख्य मंत्री अर्जुनसिंह ने गुरुघासीदास जी के नाम पर एक विवि.स्थापित किया जो बाद में केन्द्रीय विवि.का दर्जा भी पाया दोनों काम एक ही व्यक्ति के कार्यकाल में हुए किन्तु आज यह केन्द्रीय विवि.भी शहर के साथ बेगाना व्यवहार रखता है हमने उच्च न्यायलय के लिए भी संघर्ष किया अन्यथा वे शक्तियां तो इसे रायपुर ही लेजाना चाहती थी वे आज भी सक्रीय है जिसका परिणाम यह है कि शहर के भीतर आज तक बहुत से ट्रिब्यूनल और प्राधिकरण नही खुल सके जिनको खुल जाना था असल कमजोरी कही न कही हमारे जनप्रतिनिधियो कि है जो अपने व्यक्तिगत स्वार्थ के कारण खुलकर जनता के साथ जनता के लिए खड़े नही होते अन्यथा एक वक्त था जब शहर के एक प्रतिष्ठित अधिवक्ता को वाईस राय का सलाहकार तक नियुक्त किया गया और देश कि पहली आपदा प्रबंधन कि ड्राफ्टिंग उनके हाथो हुई पर आज ऐसा कोई नही है हवाई सेवा शीघ्र सुरु हो और इसके लिए जो भी दबाव जिस किसी पर भी बनाना पड़े बनाना चाहिए ।

vandana