प्रतिमाह 30 नए एच आई वी पॉजिटिव मिल रहे है बिलासपुर में।

प्रतिमाह 30 नए एच आई वी पॉजिटिव मिल रहे है बिलासपुर में

 

 

निजता का हवाला देकर आकड़ो को बताने से कर रहे है परहेज बिलासपुर—:क समय था जब एचआईवी का नाम सुनके लोगो के शरीर में कपकपी छुट जाती थी और जब सरकार ने डब्लूएचओ के साथ मिलकर इस रोग के खिलाफ लड़ाई छेड़ी तो बहुत से संगठनो ने हिन्दू जीवन पद्दति का हवाला देते हुए सरकार के प्रयास का विरोध भी किया और कहा कि यह बिमारी पाश्चात्य जीवन शैली कि देन है और हमारे यहाँ नही हो सकता किन्तु यह सब बाते सच्चाई से परे थी भारत में एचआईवी पॉजिटिव कि संख्या कम से कम बिलासपुर में तो लगातार बढ़ रही है और शोध पर नजर रखने वालो कि बात माने तो बिलासपुर में एचआईवी पॉजिटिव कि संख्या बढ़ने का सबसे बड़ा कारण इंजेक्शन से किया जाने वाला नशा है छत्तीसगढ़ आयुर विज्ञान कालेज के भूतल पर एचआईवी का जाँच केंद्र है यहाँ पर रोज 70 से अधिक लोगो का यह जाँच होता है जाँच में यह संख्या ही चौकाने वाली है आश्चर्य कि बात यह है कि महिने में 30 से ज्यादा पॉजिटिव केस प्राप्त हो जाते है एचआईवी हो जाने के बाद व्यक्ति तत्काल मरता तो नही किन्तु उसके शरीर कि रोग प्रतिरोधक क्षमता काम होते जाती है जिससे उसका जीवन हमेसा संक्रमण से घिरा रहता है बिलासपुर देह व्यापार कि कोई बड़ी मंडी नही है किन्तु बिलासपुर में पिछले 15 वर्षो में जिस तेजी नशो का कारोबार बड़ा है वह सब जानते है शहर एम्पुल का बजार बन गया है और हर तरह का ड्रग जो शरीर में नशा पैदा करता हो यहाँ उपलब्ध है कंपोजिट बिल्डिंग से लेकर तमाम छोटी बड़ी बस्तियों में नशे के इंजेक्शन आम उपलब्ध है ऐसा नही है कि पुलिस ड्रग्स के कारोबार के खिलाफ कार्यवाही नही करती किन्तु जाँच में पुलिस अंतिम उत्पादक केंद्र तक नही पहुँचती और दूसरी समस्या है जनजागरूगता कि एचआईवी पर 30 साल पहले भी बात करना कठिन था और आज भी है ऐसे में शहर के युवा नशे के नरक के बाद एचआईवीकि खाई में गिर कर पुरे समाज के लिए ख़तरा बन रहे है और हमारा नेत्रित्व इन सब संवेदनशील और ज्वलंत मुद्दों पर खामोस है ।

vandana