निगम चुनाव के लिए बैठकों का दौर जारी दोनों राजनितिक दल के दावेदार हुए सक्रीय।

निगम चुनाव के लिए बैठकों का दौर जारी दोनों राजनितिक दल के दावेदार हुए सक्रीय

 

बिलासपुर—:स्थानीय निकाय चुनाव कि अचारसहिता लग जाने के बाद दोनों राजनितिक दल कांग्रेस भाजपा में  सरगर्मियां बढ़ गई है कांग्रेस में प्रभारी धनेन्द्र साहू का एक दौरा तो अचारसहिता लगने के पुर्व ही हो गया था और कांग्रेस कि परम्परा के अनुसार पार्षद टिकिट के दावेदारों ने श्री साहू को अपनी दावेदारी भी जता दी थी 28 तारीक से ब्लाक स्तर पर कांग्रेस कि छानबीन समिति कि बैठक भी हो गई है जिसमे टिकिट के इच्छुक नेताओं ने अपने आवेदन पत्र ब्लाक अध्यक्ष को सौप दी है दूसरी ओर भाजपा में बिलासपुर का प्रभार प्रेम प्रकाश पांडे को प्राप्त हुआ है उनका अभी दौरा नही हुआ है असल में इसके पीछे तथ्य यह है कि पुरे प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनाव कि जिम्मेदारी अमर अग्रवाल को सौपी गई है और बिलासपुर का प्रभार प्रेम प्रकाश पांडे को मिला है पांडे भाजपा के गुटीय राजनीती के अनुसार धरम कौशिक गुट के है और अभी हाल ही में बिलासपुर जिला अध्यक्ष रामदेव कुमावत को चुना गया है कुमावत भाजपा में 100 फीसदी अमर गुट के सदस्य है ऐसे में माना जा सकता है कि निगम चुनाव में अमर गुट कि ही चलने वाली है बिलासपुर में निगम सीमा विस्तार के बाद भाजपा के तीन विधायक बिल्हा से धरम कौशिक बेलतरा से रजनीश सिंह तथा मस्तुरी से डा.बांधी का क्षेत्र निगम सीमा में आता है सर्वाधिक वार्ड धरम कौशिक के क्षेत्र है पुराने नगर निगम के अनुसार अमर अग्रवाल हारे हुए विधायक के रूप में प्रतिनिधित्व करते है किन्तु इस सबके बाद भी निगम कि राजनीती में अमर गुट का वजन ज्यादा है क्योकि नई सरकार बन जाने के बाद से भाजपा के तीनो विधायक के पास इतनी एनेर्जी नही थी कि वे शहरी राजनीती में अपने गुट बना पाते दूसरी ओर कांग्रेस में विधायक विरुद्ध महामंत्री एक प्रतिस्पर्धा है तथा छोटे छोटे ऐसे 5 छत्रप है जो किसी गुट के साथ नही किन्तु ऐसे दमदार नेता है जिन्हें अनदेखा नही किया जा सकता उनमे वाणी राव रामशरण यादव शेख गफ्फार विजय पांडे और राजेश पांडे है इनमे से वाणी राव को छोड़ दे तो शेष सभी टिकिट के लिए सीधा दावा ठोक चुके है कांग्रेस के रणनीतिकारो को इस बात का भी ध्यान रखना है कि महापौर चाहे कांग्रेस का बने अथवा भाजपा का सदन में कुछ ऐसे पार्षद होना चाहिए जो महापौर पर नियंत्रण के काबिल हो क्योकि कांग्रेस सत्ता में है और टिकिट के दावेदार अतिउत्साही है पिछले 4 वर्ष से जो युवा नेता महामंत्री गुट के साथ लगे है अब वे टिकिट का दावा भी कर रहे है ऐसे में वरिष्ट और निगम कि राजनीती को समझने वाले पुराने नेताओं को चुनकर टिकिट देने कि जिम्मेदारी सीधे प्रभारी पर आ जाती है आने वाले दो दिनों में राजनीती का पारा तेजी से ऊपर चढ़ने वाला है।

vandana