अमर के रोड शो से गोकुल नगर वासियों के जख्म हुए हरे  …?

अमर के रोड शो से गोकुल नगर वासियों के जख्म हुए हरे  

बिलासपुर:- स्थानीय निकाय चुनाव में 21 दिसंबर को मतदान है और 18 दिसंबर को भारतीय जनता पार्टी ने बिलासपुर में नेता प्रतिपक्ष धरम कौशिक बिलासपुर के चुनाव प्रभारी प्रेम प्रकाश पांडे तथा स्थानीय निकाय चुनाव प्रभारी अमर अग्रवाल की उपस्थिति में घोषणा पत्र जारी किया गया घोषणा पत्र जारी करने के बाद उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में रोड शो भी किया पहले ऐसे रोड शो में डॉक्टर रमन मुख्य आकर्षण हुआ करते थे किंतु अब वो ट्रक से बाहर हैं रोड शो के मौके पर भारतीय जनता पार्टी के यह नेता नगर निगम के वार्ड क्रमांक चार गोकुल नगर में भी पहुंचे गोकुल नगर वही स्थान है जिसका शिलान्यास छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह और उस वक्त के स्थानीय निकाय मंत्री अमर अग्रवाल ने संयुक्त रूप से किया था। कल जब अमर अग्रवाल को नागरिकों ने अपने बीच पाया तो उन सबके एक ख्वाब दोबारा ताजा हो गए जो भारतीय जनता पार्टी सरकार ने गोकुल नगर बनाते वक्त उन्हें दिखाए थे। गोकुल नगर की कल्पना जब उस समय के शासन ने की तब घुरु के नागरिक गोकुल नगर के लिए अपने बीच जगह बनाने के खिलाफ थे।किंतु शासन के प्रतिनिधियों ने तथा स्थानीय निकाय मंत्रियों ने उन्हें बहुत सारे वादे किए थे और उन्हें यह बताया था कि गोकुलनगर बनने से यहां दूध का प्लांट आ जाएगा चिलर प्लांट लगेगा दूध से बनने वाले बायप्रोडक्ट के उत्पाद केंद्र बनेंगे और आयुर्वेदिक उत्पादों को के लिए गोकुल नगर का नाम पूरे भारत में प्रसिद्ध हो जाएगा गाय के गोबर और पेशाब से कंडे से लेकर फिनाइल तक बनेगा जिस सब का उपयोग स्वच्छ भारत अभियान तक होगा इसमें से अमर अग्रवाल का किया हुआ एक भी वादा पूरा नहीं हुआ यही कारण है कि क्षेत्र के मतदाताओं को अब भारतीय जनता पार्टी के वायदे लुभाते नहीं हैं जो शासन 5 साल में दो किलोमीटर की रोड ना बना सके उसके प्रत्याशी को भले ही वह कुसुम बाहुबली कोसले हो वोट क्यों दें ? जिस वक्त भारतीय जनता पार्टी और उसके मंत्री गोकुल नगर की शान में कसीदे पढ़ते थे तब एक कोसले ही वहां के जनप्रतिनिधि थे। अब तो क्षेत्रवासियों को राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के घोषणा पत्र से ही चिढ़ हो गई है। भले ही कोई उसे संकल्प पत्र का नाम दें या घोषणा पत्र के समय गंगाजल उठाएं दोनों ही स्थिति में जनता शिकार ही बनती है अभी तक के राजनैतिक प्रचार प्रसार और भाषण बाजी के बाद जनता ने अपने होंठ सी लिए हैं जनता की यह चुप्पी बड़े राजनीतिक दल के लिए खतरे का संकेत है।
vandana