भ्रष्ट सरपंचों की जांच में जानबूझकर शिथिलता बरत रहे हैं बिल्हा सी ई ओ…?

 भ्रष्ट सरपंचों की जांच में जानबूझकर शिथिलता बरत रहे हैं बिल्हा सी ई ओ 

बिलाजपुर- बिल्हा बिलासपुर जिले का सबसे बड़ा विकासखंड है इस जनपद के अंतर्गत 138 ग्राम पंचायत आती है इस जनपद के सीईओ पद पर बैठे व्यक्ति की आलोचना आसान है किंतु कई बार उचित भी लगती है वर्तमान सीईओ को काम करते हुए ज्यादा वक्त नहीं गुजरा है किंतु उन्होंने कई सरपंचों को जांच से बचाया जिन सरपंचों ने पिछले 5 साल में सर्वाधिक भ्रष्टाचार किया उनमें महामद मुड़ीपर दगौरी अटर्रा जैसी ग्राम पंचायतों के सरपंच मुख्य हैं एक-एक सरपंच ने कम ने कम से कम एक एक करोड़ का भरष्टाचार किया है 1 वर्ष पूर्व जो कांग्रेस नेता सरपंचों को धारा 40 के तहत हटाने की मांग करते थे स्वयं ही भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर ज्ञापन देते थे अब जांच शुरू होने पर जांच को कैसे रुकवाया जाए का दबाव बनाते हैं यही एकमात्र कारण है कि कई सरपंचों ने भ्रष्टाचार किया भाजपा शासन में और 1 वर्ष के कांग्रेस कार्यकाल में उन्होंने जिला स्तरीय नए छत्रपुरा छाता पाल्या और इसी छाते की दम पर सरपंचों ने अपने खिलाफ होने वाले जांच आदेशों को या तो रुकवा दिया और यदि जांच आदेश हो गया तो उसके लिए जांच दल का गठन होने नहीं दिया मुरहीपार सरपंच का एक ऐसा ही मामला है जिसमें सरपंच के खिलाफ तीन-तीन स्तर पर शिकायत है सीईओ ने जांच आदेश दिया किंतु जांच दल गठन करने से पीछे हट गए इसी तरह मेहमान सरपंच के खिलाफ तो एसडीएम कोर्ट में प्रकरण विचाराधीन है इंद्रावती भवन रायपुर से जांच आदेश निकला हुआ है लेकिन कांग्रेस के एक नेता की दखलंदाजी से सबसे बड़ा नुकसान शासकीय कोश और सरपंच ने नियमों को ताक पर रखकर 25 लाख रुपए का आहरण कर लिया और कलेक्टर से लेकर सी ई ओ बिल्हा संयुक्त संचालक पंचायत के नाक के नीचे से 25 लाख रुपए निकल गए और अधिकारी देखते रह गए।
vandana