ठेका श्रमिकों का मजदूरी भुगतान उद्योगपतियों की लामबंदी से अटका

ठेका श्रमिकों का मजदूरी भुगतान उद्योगपतियों की लामबंदी से अटका
 प्लांट के अंदर बाहरी मजदूर बाहर छत्तीसगढ़िया का कंठ सूखा
बिलासपुर :- जिले के औद्योगिक क्षेत्र के कई प्लांटों में इन दिनों मजदूरी भुगतान को लेकर चिंगारी सुलग रही है फैक्ट्री लॉक डाउन से बंद है या चल रही है को लेकर विश्वसनीयता के साथ कुछ भी नहीं कहा जा सकता लेकिन यह बात भरोसे से कही जा सकती है कि प्लांट के अंदर बड़ी संख्या में बाहरी राज्य के श्रमिक हैं और छत्तीसगढ़ का नागरिक प्लांट के बाहर धूप में बैठकर अपने मेहनत की पारिश्रमिक के लिए गिड़गिड़ा रहा है पहले अग्रवाल प्लांट, फिर राजश्री, अब सृजन एलाय सभी की एक ही कहानी है सिलपहरी, सिरगिट्टी क्षेत्र में सभी उद्योगपतियों ने आपस में लामबंदी कर ली है मार्च माह का भुगतान कर दिया है किंतु अप्रैल का भुगतान नहीं हुआ है साथ ही ठेका श्रमिकों का पेच अलग है उद्योगपति अपनी कार्यशील पूंजी को ज्यादा से ज्यादा रोकना चाहते हैं कोशिश यह है कि भुगतान जितने दिन रोका जाए श्रमिक की वार्गलिंग क्षमता को उतना तोड़ा जा सकेगा यदि प्लांट चालू हुआ तो काम पर रख रहे हैं यह सबसे बड़ा अस्त्र होगा जो मजदूर मजदूरी पर सेठ के आवाज को काटेगा उसे दोबारा काम पर ही नहीं लिया जाएगा एक तरफ छत्तीसगढ़ के लाखों मजदूर दूसरे प्रदेश में बैठकर वापसी का रास्ता देख रहे हैं और हमारे यहां फैक्ट्री के अंदर दूसरे प्रदेश के मजदूर काम कर रहे हैं और फैक्ट्री के बाहर छत्तीसगढ़ का श्रमिक किए हुए काम के दाम के लिए हाथ जोड़कर निवेदन कर रहा है। 
vandana