अपनी 18 साल की करनी को ना देख कांग्रेस की नीति को कोश रही बीजेपी…?

अपनी 18 साल की करनी को ना देख कांग्रेस की नीति को कोश रही बीजेपी

बिलासपुर :- सरकार की अबकारी नीति को लेकर दोनों राजनैतिक दल के नेता की तीखी बयानबाजी हुई.भाजपा आरोप लगाती है कि कांग्रेस अपने घोषणा पत्र के वादे शराबबंदी को लागू नहीं कर रही उल्टा शराब की होम डिलीवरी की योजना लागू की है वहीं कांग्रेस के नेता यह कहते हैं कि घोषणा पत्र 5 साल में लागू किया जाना है शराबबंदी के पूर्ण व्यापक अध्ययन के लिए समितियां बना दी गई है रिपोर्ट आने पर कार्यवाही होगी भारतीय जनता पार्टी को शराबबंदी की इतनी ललक है तो उत्तर प्रदेश व हरियाणा में बंद करा लें किंतु बिलासपुर के संदर्भ में एक असल प्रश्न कांग्रेसी नेता भूल रहे हैं और  वह है स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे का और यह प्रश्न शराब के पहले आता है छत्तीसगढ़ बनने के पूर्व दिग्विजय सरकार ने बिलासपुर में मेडिकल कॉलेज की आधारशिला रख दी थी गुरु घासीदास विश्वविद्यालय के कुलपति आर.के सिंह ने काम शुरू कराया और तत्कालीन मुख्यमंत्री ने 30 साल की लीज में सरदार वल्लभ भाई पटेल जिला चिकित्सालय को विश्व विद्यालय को दे दिया छत्तीसगढ़ की पहली सरकार के मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने मेडिकल कॉलेज की बुनियादी सुविधा को खड़ा कराया और उसे प्रारंभिक मान्यता दिलाई 2003 के उपरांत राज्य में बीजेपी सरकार बनी और 2018 तक लगातार इस दौरान बिलासपुर जिले के दो-दो विधायक को स्वास्थ्य विभाग मिला अब तक सिम्स में करोड़ों की धनराशि लग चुकी है पर अभी भी आधारहीन सुविधाएं पूरी नहीं हो पाई जिले में महिलाओं के स्वास्थ्य को ख्याल में रखकर कोई अलग चिकित्साल4य नहीं है जो की आधी आबादी है लाडली बिटिया चाहे रमन की हो या किसी की पर हक किसी ने नहीं दिया एक सुविधा मिलती नहीं की स्थानीय नेतृत्व उसे अपनी गलती से डूबा कर रख देता है और ऐसा शतक जारी है जिला अस्पताल हो या मेडिकल कॉलेज दोनों की दशा संतोषजनक नहीं कही जा सकती 18 वर्षों में स्वास्थ्य सेवा को कई बार शर्मनाक स्थिति से गुजरना पड़ा पर एक बार किसी मंत्री ने इस्तीफा देने की हिम्मत नहीं की और अब शराब के नीति पर वाद विवाद कर रहे हैं जबकि उससे बड़ा मुद्दा स्वास्थ्य की अधोसंरचना का निर्माण है जो कि नहीं हुआ

vandana