भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष ने मांगा मुख्यमंत्री से तत्काल इस्तीफा।

भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष ने मांगा मुख्यमंत्री से तत्काल इस्तीफा

बिलासपुर :- देखा जाए तो आज पूरे विश्व में कोरोना नामक वायरस महामारी का रूप लेकर चरम पर है तथा उसके बचाव हेतु विश्व के सभी देशों के द्वारा हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। भारत देश के भीतर संचालित सभी औद्योगिक संस्थानों, कारखानों, धार्मिक स्थलों, शैक्षणिक संस्थानों सहित सभी सार्वजनिक स्थलों पर धारा 144 लागू कर दिया गया है, जिसकी निगरानी के लिए शासन द्वारा हर चौक-चौराहों पर सेना-बल तैनात किया गया है। जगह-जगह पर पुलिस गश्त पर है। इस महामारी से बचाव के लिए आमजन को फिजिकल डिस्टेंस में रहने, मास्क, सैनेटाइजर का प्रयोग एवं घर पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।

 लॉकडाउन के प्रथम व द्वितीय चरण में लगभग एक माह तक शराब दुकान भी बंद रहा, जिससे विभिन्न घटना-दुर्घटना में भी कमी आयी। शराब बिक्री न होने से ज्यादातर ग्रामीण महिलाओं में खुशी का माहौल देखा गया है। लेकिन कुछ ही दिनों पहले छत्तीसगढ़ राज्य सरकार द्वारा पुनः शराब विक्रय का निर्णय पारित किया गया है, जिस पर विरोध जताते हुए भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज लहरे द्वारा कहा गया है कि छत्तीसगढ़ राज्य में शराब बिक्री का निर्णय पूर्णत: साजिश पूर्ण है, जिसके तहत सरकार गरीब, मजदूर, दलित, आदिवासी, पिछड़े व छात्रों के साथ मानसिक खिलवाड़ कर रही है। वर्तमान सरकार द्वारा चुनाव पूर्व अपने घोषणापत्र में शराबबंदी करने का वादा भी किया गया था, यदि सरकार वास्तव में शराब बंदी के पक्ष में होती तो लॉडाउन पूर्ण शराबबंदी करने का सुनहरा अवसर था। सरकार यहां के युवाओं को शराबी बना करके मानसिक रूप से अपाहिज बना देना चाहती है ताकि वे लोग आगे शैक्षणिक व सामाजिक रूप से अपंग हो जाये, जिसके आढ़ में सरकार आउटसोर्सिंग कर सके।

 शराब दुकानों पर भारी संख्या में भीड़ होने के कारण लगातार लॉकडाउन (धारा 144) के नियमों की लगातार खुलेआम धज्जियां उड़ती दिखाई दे रही हैं। इससे प्रदेश के माहौल असंतुलित होने की संभावना है। भविष्य में यह पहलू प्रदेश की प्रमुख समस्या में शामिल हो सकती है।

भीम आर्मी छत्तीसगढ़ हमेशा से शराबबंदी के लिए आंदोलन करती रही है, फिर भी वर्तमान सरकार द्वारा इस मुद्दे को लेकर कोई मजबूत कदम नहीं उठाया गया है बल्कि कुछ स्थानों पर शराब दुकानों में महिलाओं के लिए अलग काउंटर भी बनाया गया है। राज्य सरकार द्वारा इस प्रकार कार्य सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ प्रदेश की माता-बहनों की अस्मिता को कलंकित करने जैसा है। वर्तमान में कुछ ही दिनों पहले प्रारंभ हुए शराब बिक्री के कारण विभिन्न घरेलू हिंसा एवं सड़क दुर्घटना की खबर लगातार देखने-सुनने में मिल रही है। लॉकडाउन के नियमों को ताक पर रखकर राज्य सरकार द्वारा शराब विक्रय का निर्णय पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेशवासियों के मतादेश का दुर्पयोग और घोर अपमान है जो अत्यंत शर्मनाक एवं समूचे मानव समाज के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसी परिस्थिति में मुख्यमंत्री को तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए। प्रदेश में लॉकडाउन की स्थिति में सरकार द्वारा शराब विक्रय का निर्णय मानवता विरोधी है, जिसका दुष्परिणाम भविष्य में कांग्रेस पार्टी को भुगतना पड़ेगा। शराबबंदी एवं इस प्रकार के जुड़े तमाम समाजिक घातक तत्वों एवं कारकों के लिए भीम आर्मी भारत एकता मिशन छत्तीसगढ़ आंदोलित रहेगा।

vandana