डॉ हर्षिता शुक्ला बनी गरीब असहायों का सहारा लॉक डाउन में घर घर पहुँचकर दे रही है निशुल्क सेवा।

डॉ हर्षिता शुक्ला बनी गरीब असहायों का सहारा

लॉक डाउन में घर घर पहुँचकर दे रही है निशुल्क सेवा

डॉ हर्षिता कर चुकी है लाखो लोगों का नि:शुल्क इलाज

महंगी शिक्षा मुफ्त देकर बन गई है सबकी लाडली ।

बिलासपुर-आज के आधुनिक युग मे जब मेडिकल क्षेत्र मे इलाज के नाम पर लूट मची है वहीं एक सुखद अनुभव देने वाला दृश्य देखने को मिलता है जब एक युवा डॉक्टर हर्षिता शुक्ला लगातार सात सालों से गरीब असहाय मरीजों का नि:शुल्क इलाज करती हैं साथ ही शहर गांव स्कूल स्लम क्षेत्रो में स्वास्थ्य कैम्प लगाती हैं  आज जब लॉक डाउन की वजह से कई मरीज जो हॉस्पिटल नही पहुच पा रहे उनके लिए डॉ हर्षिता शुक्ला किसी फरिश्ते से कम नही वो उन जरूरतमंद मरीजो के घर पहुच रही है जो किसी भी वजह से हॉस्पिटल तक नही पहुच पा रहे उनके घर जाकर निःशुल्क सेवाएं दे रही है।उन्होंने अपने हॉस्पिटल में मरीजो की सुरक्षा सोशल डिस्टेंस का पूरा ख्याल रखा है प्रदेश की पहली डॉक्टर है जिन्होंने अपनी क्लिनिक में सेनेटाइजर मशीन लगाया है जिससे मरीजो को संक्रमण से बचाया जा सके

उनका सेनेटाइजर मशीन आम लोगो के लिए भी उपलब्ध है डॉ हर्षिता शुक्ला का कहना है कि इस कठिन समय में हम सब को एक दूसरे का काम आना चाहिए यही इंसानियत है निश्चित रूप से ऐसे डॉक्टर किसी भगवान से कम नही ऐसे संकट कि घड़ी में इनके संगठन परमार्थी जीवनोदक संस्थान लगातार ग्रामीण दूरस्थ क्षेत्रों में जहां आज तक स्वास्थ्य सुविधा पहुंच नहीं पाई है कहने को तो शासकीय और निजी अस्पताल मौजूद है पर इलाज की सुविधा ना के बराबर है उस दौर में अगर डॉक्टर हर्षिता का प्रयास वाकई सुखद अनुभव देता है डॉ हर्षिता शुक्ला से जिन्होंने इस सोच को साकार करने के लिए अपना एक संगठन बनाया जिसका नाम परमार्थी जीवननोदक है उसके तहत ऐसे युवा डॉ को जोड़ा जो गरीबों असहाय लोगों के लिए कुछ करना चाहते थे और आज ये संगठन प्रदेश के हर हिस्से में लगातार अपनी सेवाएं दे रहा है

डॉ हर्षिता जो इस संगठन की फाउंडर है हर्षिता शुक्ला जो आज किसी पहचान की मोहताज नही है बचपन के देखे गए सपनो को कैसे वर्तमान में मजबूत इरादों के साथ साकार करना इनसे सीखा जा सकता है इन्होंने बड़े बड़े मलाईदार आरामदायक जॉब की जगह खुद का हॉस्पिटल खोला जहाँ ये दिन रात गरीबो का मुक्त इलाज करती हैं आप एक बार इस हॉस्पिटल रूपी मंदिर मे जरूर जाएं देखिए कि आज जब इस क्षेत्र में लूट मची है एक ऐसी डॉ भी है जिसका उद्देश्य मानव सेवा है इसके साथ ही ये अनाथ बच्चों विकलांग बुजुर्ग सबके लिए लगातार काम कर रही है , डॉ हर्षिता शुक्ला का सपना एक चैरिटबल हॉस्पिटल खोलने का है जिससे वो असहाय निर्धन लोगो की सेवा कर सके । ये लगातर शहर को हरा भरा करने का अभियान भी चलाती हैं  अभी तक दुर्ग बिलासपुर में कई पौधरोपण कार्यक्रम कर चुकी है , इन्होंने महंगी शिक्षा जैसे एलआईटी,जीईई,एनईईटी जैसी शिक्षा देने का कार्य बिलासपुर से शुरू किया है ।इस काम को और विस्तार देने के लिए  इन्होंने परमार्थी जीवननोदक संस्थान चालू किया जो लगातार अपने समाज सेवा के लिए उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मनित होता रहा ये लगातार ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य शिविर लगाते हैं और ग्रामीणों को आवश्यक उपचार के साथ नि:शुल्क दवाई का वितरण करते हैं इनके प्रयास एक कोशिश अब रंग लाने लग गई है अब और लोग भी इनके साथ आने लगे हैं डॉक्टर हर्षिता शुक्ला निश्चित रूप से आज के मेडिकल क्षेत्र की छवि सुधारने का प्रयास कर रही हैं वो वाकई तारीफ के काबिल है आज ऐसे लोगों की इस समाज को बहुत जरूरत है।

vandana