गांव को मनमाने तरीके से चलाने की हुंकार भरते रहे सरपंच और सचिव…?

मजदूरों को गाली देकर सरपंच कराते है काम..मनरेगा के मजदूरों का बुरा हाल.. गांव को मनमाने तरीके से चलाने की हुंकार भरते रहे सरपंच और सचिव..

बिलासपुर :- बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र से जुड़े ग्राम पंचायत में मजदूरों को गाली खाकर मजदूरी करना पड़ता है.ग्राम पंचायत बन्नाकडीह में  मनरेगा के नियमों का लगातार उल्लंघन हो रहा है और इस खेल में सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक की आपस में सांठगांठ है इसी का परिणाम है कि अभी तक किसी भी जॉब कार्ड धारी को एक भी परिश्रमिक भुगतान नहीं हुआ जबकि मनरेगा की गाइडलाइन के अनुसार 1 सप्ताह में भुगतान होना चाहिए साथ ही जो जॉब कार्डधारी मनरेगा का काम करने आते हैं उन्हें सरपंच के गाली भी सुननी पड़ती हैं बन्नाकडीह के सरपंच संजय आडिल द्वारा कार्यस्थल पर जेसीबी से काम लगवा लूंगा कहने से भी गुरेज नहीं किया जाता है.मिल बांट कर खाने वाले सचिव का कहना है की जब सरपंच ऐसा कुछ कहा होगा तब मैं वहां नहीं था मनरेगा का काम मशीन से नहीं किया जा सकता और ऐसा नहीं होगा क्या वे सरपंच के व्यवहार की शिकायत सीईओ से करेंगे.. गांव के कुछ लोगों का कहना है कि.. सरपंच द्वारा बीपीएल कार्डधारकों को शासन द्वारा कोरोना काल में दिया जा रहा प्रति तीन सदस्यों पर 5 किलों अतिरिक्त चावल भी नहीं दिया जा रहा है.. हाल ही में बने सरपंच आडिल की तानाशाही और व्यवहार देखकर सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि.साठगांठ कर मजदूरों और गरीबों का पेट काटने वाले सरपंच और उनकी टीम गांव का क्या हाल करेंगे..

vandana