बिलासपुर प्रेस क्लब चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए चार सीनियर पत्रकारों ने किया दावेदारी,।

बिलासपुर प्रेस क्लब चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए चार सीनियर पत्रकारों ने किया दावेदारी,

प्रेस क्लब चुनाव के प्रत्याशी अपने क्षेत्र के प्रिय जनों का सूची करें सार्वजनिक, सदस्यों के लिए पदाधिकारी चुनना होगा आसान

प्रेस क्लब में नए सदस्यों का स्वागत एवं सभी को महत्वपूर्ण सुझाव

 

बिलासपुर- प्रदेश में लॉकडाउन खत्म होने के बाद बिलासपुर प्रेस क्लब कार्यकारिणी चुनाव की घोषणा कर दी गई है। गौरतलब है कि प्रेस क्लब के पदाधिकारियों का कार्यकाल 11 मई 2021 को पूर्ण हो चुका है लेकिन कोरोना महामारी के दरमियान प्रदेश में लॉकडाउन लागू था जिसकी वजह से बिलासपुर प्रेस क्लब के चुनाव संपन्न नहीं कराया गया था। लेकिन अब लॉकडाउन खत्म होने के बाद प्रेस क्लब के चुनाव की घोषणा कर दी गई है। जिसके तहत 24 जुलाई 2021 को बिलासपुर प्रेस क्लब कार्यकारिणी के लिए चुनाव में मतदान किया जाएगा । पूर्व में प्रेस क्लब के सदस्यों की संख्या 402 थी। जिसमें 11 सदस्यों की मृत्यु के उपरांत उनका नाम मतदाता सूची से विलोपित कर दिया गया है। उसके बाद 59 नए सदस्यों को प्रेस क्लब में जोड़ा गया है। अब प्रेस क्लब पर सदस्यों की संख्या 450 हो चुकी है अध्यक्ष पद के लिए चार सीनियर पत्रकारों ने दावेदारी किया है।
जिसमें वीरेंद्र गहवई, मनीष शर्मा, शैलेंद्र पांडे,महेश कुमार तिवारी शामिल है। उपाध्यक्ष के लिए विनय मिश्रा, अमित मिश्रा, विनीत चौहान, रमणा किरण ने दावेदारी किया है। सचिव पद के लिए इरशाद अली, मदन सिंह ठाकुर, रवि शुक्ला, अशरफ मेमन का नाम शामिल है। एवं सह सचिव पद के लिए भूपेश ओझा, अशोक व्यास, भूपेंद्र नवरंग का नाम शामिल है कोषाध्यक्ष के लिए देवदत्त तिवारी, जीतेंद्र सिंह ठाकुर, मधु देवी एवं कार्यकारिणी सदस्य के लिए रितु साहू, काजल कश्यप, नीरज शर्मा ने दावेदारी किया है।

प्रेस क्लब चुनाव के प्रत्याशी अपने क्षेत्र के प्रिय जनों का सूची करें सार्वजनिक, सदस्यों के लिए पदाधिकारी चुनना होगा आसान।

आज के परिवेश में पत्रकारिता करना बहुत ही कठिन कार्य है सामान्यता देखा गया है कि अगर किसी भ्रष्टाचारी अधिकारी, भ्रष्ट सरपंच ,अनैतिक कार्य में लिप्त होने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कोई खबर लिखा जाता है तो उस भ्रष्टाचारी द्वारा पत्रकार को झूठे प्रकरण में फंसाने की कोशिश किया जाता है। डराया धमकाया व जान से मारने की धमकी तक दिया जाता है। इतने में जब मंशा पूरी नहीं हो पाती तो पत्रकार के किसी संगठन के व्यक्ति को पकड़ कर पत्रकार पर ही दबाव डलवा जाता है। ऐसा ही वाक्य एक पत्रकार के साथ देखने को मिला।

जब पत्रकार ने एक भ्रष्ट सरपंच के खिलाफ उसके भ्रष्टाचार व गलत नीति से किए गए कार्यों का पोल खाता लिखने लगा और उस मामले पर जनपद पंचायत बिल्हा में सरपंच, सचिव के खिलाफ जांच बैठ गया। तब उक्त भ्रष्टाचारी सरपंच का पक्ष लेकर उसकी तरफदारी करते हुए पत्रकार संगठन का एक पदाधिकारी के द्वारा सरपंच के भ्रष्टाचार को लिखने वाले पत्रकार को फोन कर धमकाया जाता है। और कहां जाता है कि तुम्हें पता है ना वह मेरा एरिया है फिर तुमने वहां जाकर खबर क्यों चलाया।

यह बात सुनते ही पत्रकार कुछ समय के लिए सोच में पड़ गया कि यह व्यक्ति किसी पत्रकार संगठन का पद अधिकारी है। यह फिर अपने पत्रकार संगठन को छोड़कर कहीं क्षेत्र का विधायक तो नहीं बन गया है ?

लेकिन कुछ देर बाद स्मरण आता है कि इस क्षेत्र का विधायक तो वर्तमान समय पर छत्तीसगढ़ प्रदेश की राजनीति में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभा रहा है। खैर जाने दीजिए और आप लोग आगे की कहानी सुनिए, महोदय जी फिर कुछ देर बाद अपने पत्रकार संगठन के पद का रौब दिखाते हुए खबर चलाने वाले पत्रकार पर दबाव बनाते हुए कहता है कि मेरे क्षेत्र से तुम्हारी बहुत शिकायत आ रही है गाँव के सरपंच के खिलाफ खबर चलाने का क्या तुमने ही सारा ठेका लिया है तुम्हारे अलावा और भी पत्रकार तुम्हारे सिरगिट्टी में रहते हैं। लेकिन उन लोगों ने खबर नहीं चलाया है। आगे महोदय जी धमकी भरे लहजे में कहते हैं कि तुम्हारी हिम्मत कैसे हो गई मेरे क्षेत्र की खबर चलाने की। मेरे क्षेत्र में सब ठीक है वहां कोई भ्रष्टाचार नहीं होता है ।तुमको पता है ना कि मैं तुम्हारी मेम्बर शिप खत्म करवा सकता हूं। अगली बार याद रखना तुमने जो लिख दिया है वह लिख दिया, अब दोबारा नहीं लिखना समझा देता हूं। इस तरह से भ्रष्टाचारी सरपंच के पक्ष में आवाज बुलंद कर एक पत्रकार संगठन का पदाधिकारी पत्रकार को ही धमकाते हैं। जिसका प्रमाण के रूप में लगभग 5 मिनट की कॉल रिकॉर्डिंग उपलब्ध है। आवश्यकता पड़ी तो उस कॉल रिकॉर्डिंग को भी सार्वजनिक किया जाएगा।

उक्त महोदय जी से हम कहना चाहेंगे कि आप वरिष्ठ हैं आपको भ्रष्टाचार के खिलाफ लिखने वाले पत्रकार का साथ देना चाहिए। लेकिन एक पत्रकार को इस तरह से धमकाना आपको और आपके पद को शोभा नहीं देता है। एक जानकारी आपको हम जरूर देना चाहेंगे की आप साजिश करके किसी संगठन से तो हमारी मेंबर शिप को खत्म करवा सकते हैं लेकिन एक लिखने वाले पत्रकार के कलम को लिखने से नहीं रोक सकते है।

यह घटना सुनकर कुछ पत्रकार अचंभित हो गए हैं । और तरह-तरह की बातें करने लगे उनके बीच वर्तमान में यह चर्चा हो रही है कि आगामी दिनों बिलासपुर प्रेस क्लब चुनाव है। ऐसी स्थिति में उस प्रत्याशी को चुनाव जिताया जाए जिसकी अपने क्षेत्र में प्रिय जनों की सूची कम है ताकि सभी क्षेत्र में कार्य करने वाले पत्रकारों को समाचार संकलन करने, लिखने में आसानी हो। कार्य करने के दौरान किसी प्रकार का दबाव कोई पदाधिकारी ना डालें।

प्रेस क्लब में नए सदस्यों का स्वागत एवं सभी को महत्वपूर्ण सुझाव

सर्वप्रथम प्रेस क्लब के नए सदस्यों का न्यूज़ बिलासपुर बंधु.in स्वागत करता है। मेरे प्यारे साथियों आशा करता हूं कि आप सभी स्वस्थ होंगे।आप सभी को अवगत होगा है कि आज के परिवेश में पत्रकारिता करना कितना मुश्किल कार्य है। जिसे आप लोग बखूबी निभाते आ रहे हैं और समाज में चल रहे गतिविधियों को आमजन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे है। आपने कभी यह भी महसूस किया होगा कि फील्ड में समाचार संकलन करने से लेकर उनको प्रसारित करने तक कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कुुुुछ समाचारों के प्रसारित होने के बाद भ्रष्टाचारी, बाहुबली
लोगो के द्वारा अमूमन कई तरह की धमकी दी जाती है। ऐसी स्थिति में आपको यह अवश्य महसूस होता होगा कि हमारे साथ न्याय के लिए कोई संगठन, व्यक्ति साथ रहे। तब तो आपके लिए यह चुनाव बढ़िया अवसर है। कार्य के दौरान होने वाली उन सारी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए आप आगामी दिनों में होने वाले प्रेस क्लब चुनाव पर मतदान करके अपने प्रतिनिधि के रूप में मजबूत पदाधिकारी चुने। ताकि वह पत्रकारों को होने वाले समस्याओं को ध्यान में रखते हुए आपके साथ पत्रकारिता में होने वाले दिक्कतों को दूर करें। लेकिन मतदान के समय एक बात का ध्यान जरूर रखें ।आप उस प्रत्याशी को चुनाव जितावे जो फील्ड में रहकर कार्य (पत्रकारिता) करता हो। क्योंकि फील्ड में रहने वाला पत्रकार ही आम पत्रकारों की समस्याओं को समझ सकता है। ऑफिस या कार एसी में बैठने वाला आपकी परेशानियों को शायद कम समझ पाएगा। मैं अपनी बातों को पुनः दोहराते हुए कहता हूं कि इसलिए आप फील्ड में रहने वाले पत्रकार को बहुमूल्य वोट देकर चुनाव जितावे और आने वाले समय में प्रेस क्लब की गरिमा बढ़ावे।

vandana