पुण्यतिथि पर अटल बिहारी बाजपेयीजी को कोटि-कोटि श्रद्धांजलि!

*पुण्यतिथि पर अटल बिहारी बाजपेयीजी को कोटि-कोटि श्रद्धांजलि!*
पूर्व नपाध्यक्ष, चांपा : रामचरण सोनी की यादें जुड़ी हुई हैं, बाजपेयीजी से!

वंदना न्यूज जांजगीर-चांपाप्रखर राजनेता, राष्ट्रीय स्वाभिमान के प्रतीक, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्र का मान बढ़ाने वाले तथा देश की समृद्धि के लिए सतत् प्रयत्नशील भारत के गौरवान्वित पुरुष थे माननीय: अटल बिहारी वाजपेयी जी!
उनका नाम स्मरण करते ही आज भी केसरियां रंग से रोमांचित ओजस्वी वक्ता,वीरता-भरी उमंग, नौजवानों सा उत्साह,कठिन से कठिन अवसरों पर अदम्य साहस भरी वाणी, वही चिरपरिचित ठहाका,कवि हृदय एवं मरणोपरांत भारत रत्न सम्मान से विभूषित, सबसे बड़ी बात छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता, स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयीजी की यादें स्मृति पटल पर आ जाती हैं। पहले ज़्यादातर राजनेता खादी वस्त्र या गांधी टोपे के बजाए विभिन्न रंगों के स्टाइल वाले वस्त्र धारण करते थे। इन सबके उलट हमारे प्रधानमंत्री रहे अटल बिहारी वाजपेईजी को तड़क-भड़क बिल्कुल भी पसंद नहीं था। वे अक्सर काला,खाकी और सफेद रंग के कपड़े ही पसंद करते थे।
शशिभूषण सोनी ने बताया कि चाहें इंसान छोटे हो या बड़े, हंसमुख, मिलनसार और कवि हृदय वाले बाजपेयीजी बड़े प्रेम से मिलते थे। हमारे पूज्य पिताश्री रामचरण सोनी {उम्र-89 वर्ष } ने बताया कि जब मैं नगर पालिका परिषद, चांपा में अध्यक्ष निर्वाचित हुआ था । तब आशिर्वाद या फिर शपथग्रहण समारोह में संसद-सदस्य श्रीअटल बिहारी बाजपेयी को आमंत्रण स्वरुप लेटर लिखा था। उस-समय बाजपेयीजी संसद सदस्य [लोकसभा] थे। उन्हें शपथग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए स्नेहपूर्वक आमंत्रण पत्र भेजा था। वे तो नहीं आए। किन्तु उनके द्वारा संप्रेषित: शुभकामना संदेश युक्त यथा: “अंतर्देशी-पत्र” :02-07-1981 का जरुर प्राप्त हुआ। शशिभूषण सोनी ने बताया कि मैं आज तक वह अनमोल पत्र सहेज कर रखा हैं। आज उनकी पुण्यतिथि पर याद करते हुए यह अंतर्देशीय पत्र ढ़ूढ़ते-ढूढ़ते हाथ लग गया वह अवलोकनार्थ प्रस्तुत है••
प्रिय रामचरण सोनीजी,
आपका जून1981 का पत्र मिला।यह जानकर खुशी हुई कि आप चांपा नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं। बधाई।
अध्यक्ष के नाते आपको अपने दल के सभी सदस्यों का सहयोग लेकर आगे बढ़ना होगा और नागरिक सुविधाओं के विस्तार का प्रयत्न करना होगा। यदि नगरपालिका के अधिकारी तथा कर्मचारी ईमानदारी से काम ले तो सीमित साधनों में भी लोगों की भलाई की जा सकती हैं।
आशा हैं कि आप अध्यक्ष पद का दायित्व सफलतापूर्वक निभाएंगे।शुभकामनाओं सहित•••
भवदीय:हस्ताक्षर सहित ••••••••••••अटल बिहारी बाजपेयी

vandana